= 13 किमी लंबी सड़क निर्माण में बरती जा रही है गंभीर अनियमितता

दल्ली राजहरा। खदान मजदूर संघ भिलाई से संबंद्ध भारतीय मजदूर संघ के अध्यक्ष मुश्ताक अहमद ने बीएसपी प्रबंधन द्वारा राजहरा टाउनशिप में भिलाई के ठेकेदार मेसर्स कैलाश इंटरप्राइजेज भिलाई, पार्टनर रमेशचंद्र केशरवानी के माध्यम से कराए जा रहे 13 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण में गंभीर अनियमितता बरते जाने का आरोप लगाया है।
मुश्ताक अहमद ने कहा है कि संघ द्वारा बीएसपी प्रबंधन के अधिकारियों को पत्र देकर सडक निर्माण गुणवत्ता पूर्वक कराए जाने का आग्रह किया गया था और ठेके के नियम शर्तों का पालन व ठेका नियमों दर्ज शेड्यूल के अनुसार कार्य कराने की बात कही थी। किंतु बीएसपी प्रबंधन के अधिकारियों द्वारा कब कार्य प्रारंभ करवाया गया इसकी जानकारी तक यूनियन को नहीं दी गई और कार्य को प्रारंभ करवा दिया गया। ठेकेदार द्वारा गुणवत्ता विहीन कार्य कराए जाने की शिकायत मिलने के बाद संघ के पदाधिकारियों ने मौका मुआयना किया। इस दौरान पदाधिकारियों ने पाया कि सडक निर्माण गुणवत्ता विहीन किया जा रहा है। गिट्टी बाहर दिख रही है डामर का कही नामोनिशान नहीं है। मापदंड का पालन नहीं किया जा रहा है डामर में गड़बड़ी की जा रही है। इसकी आशंका संघ ने पहले ही व्यक्त कर दी थी कि बीएसपी के अधिकारियों ने ठेका शर्तों में इस कार्य में जानबूझकर नहीं डाला है कि डामर टेंकर में जीपीएस सिस्टम लगा हुआ होना चाहिए। जिससे पता चल सके कि डामर टेंकर भिलाई प्लांट से डामर लेकर कहां खाली कर रहा है क्योंकि बीएसपी प्रबंधन के अधिकारी ठेकेदार को सीधे आरटी 3 डामर का कूपन दे रहे हैं और ठेकेदार प्लांट से डामर लेकर जा रहा है। उसकी निगरानी करने वाला कोई नहीं है। ऐसा लगता है कि ऐसा जानबूझकर कर किया गया है। प्रतिनिधि मंडल निर्मला स्कूल से लेकर राजहरा थाने तक शुरू हो चुके सडक निर्माण का जायजा लेने पहुंचा तो वहां की स्थिति और भी गंभीर थी। कार्यस्थल पर बीएसपी प्रबंधन का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी नहीं था और न ही ठेकेदार का कोई भी सुपरवाइजर उपस्थित था। सडक निर्माण के नाम मजाक किया जा रहा था। श्रमिकों द्वारा सडक पर झाड़ू लगाकर सडक से धूल साफ करने का असफल प्रयास किया जा रहा था ठेकेदार बिना कंप्रेशर मशीन के डामर रोड का निर्माण कर रहा था जोकि बीएसपी प्रबंधन के जिम्मेदार अधिकारियों की इस कार्यशैली को दर्शाता है कि किस तरह जनता के पैसों को लुटाया जाए। इस ठेके में राजहरा टाउनशिप के सड़कों में हुए गड्ढे को भरकर फिर डामर रोड का निर्माण करना है मगर ठेके में इतनी मात्रा में गड्ढे भरने के लिए राशि खी गई है जितने नगर में गड्ढे ही नहीं हैं। इसलिए ठेकेदार को कहा गया था कि निर्मला स्कूल से राजहरा थाने तक सडक का चौड़ीकरण नियमों के अनूरूप किया जाए। मगर आज जांच करने पर पता चला है कि सडक चौड़ीकरण के लिए सडक के बाजू डब्ल्यूबीएम के लिए गड्ढा किया गया उसमें सिर्फ खानापूर्ति की गई है। उसमें न तो बड़ी गिट्टी डाली गई है और न तो उसमें जो मापदंड है उसका पालन किया जा रहा है। सिर्फ और सिर्फ पैसों की बंदरबांट करने का खेल चल रहा है। कहीं कहीं पर काली मिट्टी के ऊपर डामर रोड बनाने की तैयारी चल रही थी और अगर खदान मजदूर संघ के सदस्यों द्वारा औचक निरीक्षण नहीं किया जाता तो ठेकेदार द्वारा काली मिट्टी के ऊपर डामर रोड बना दिया जाता और जनता के पैसों की बंदरबांट हो जाती। संघ के अध्यक्ष मुश्ताक अहमद ने आगे बताया की बीएसपी प्रबंधन के कुछ अधिकारियों द्वारा जनता के पैसों का खुलकर दुरूपयोग किया जा रहा है सबसे बड़ी बात कि सडक निर्माण के लिए एक निश्चित तापमान पर डामर और गिट्टी को डामर प्लांट में मिलाकर सडक निर्माण हेतु तैयार किया जाता है। लेकिन यहां सडक निर्माण के लिए ठेकेदार द्वारा लगभग 100 किलोमीटर से भी अधिक दूरी से डामर और गिट्टी को मिलाकर लाया जा रहा है जिससे वह उसका टेंप्रेचर लेवल बना नहीं रह पाता। सबसे हास्यास्पद बात यह है कि राजहरा टाउनशिप के जिम्मेदार अधिकारियों के पास सडक निर्माण के लिए आए गिट्टी और डामर के मिले हुए मिश्रण के तापमान को मापने का कोई उपकरण ही नहीं है। इन्हें ठेकेदार द्वारा जो बताया जाता है उसी को सही मानकर चल रहे हैं। ठेकेदार तो डामर और गिट्टी का मिश्रण भिलाई के डामर प्लांट में कर रहा है और वहां बीएसपी का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी उपस्थित नहीं रहता है। ठेकेदार को खुली छूट दे दी हुई है। मुश्ताक अहमद ने कहा है कि डामर और गिट्टी का मिश्रण 30 किलोमीटर के दायरे में स्थित डामर प्लांट में किया जाए जिससे एक निश्चित तापमान में गुणवत्ता के साथ सडक निर्माण हो सके। और 30 किलोमीटर के दायरे में डामर प्लांट को राजहरा टाउनशिप के अधिकारियों द्वारा जाकर देखा भी जा सकता था। यहां तो राजहरा टाउनशिप के अधिकारी सिर्फ मूक दर्शक बनकर ठेकेदार जो बोल रहा है उस पर हामी भरने में लगे हुए हैं। ठेकेदार द्वारा घटिया सडक निर्माण कर उसमें रेत डालकर छुपाने का असफल प्रयास किया जा रहा है। ऐसा लगता है की बीएसपी प्रबंधन और राजहरा टाउनशिप के अधिकारियों द्वारा राजहरा टाउनशिप का सडक निर्माण नगरवासियों के लाभ के लिए नहीं यह सडक निर्माण सिर्फ और सिर्फ ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए करवा रहे हैं। संघ को यह भी जानकारी मिली है कि सडक निर्माण में जानबूझकर आरटी 3 डामर की मात्रा को बढ़ाकर डाला गया है और जितनी मात्रा डामर की लगनी उससे दुगनी मात्रा डाली गई है जोकि जांच का विषय है। संघ की शिकायत के बाद राजहरा टाउनशिप के अधिकारी कार्य स्थल पर पहुंचे थे उनको संघ द्वारा दिखाया गया कि किस तरह ठेकेदार घटिया सडक निर्माण कर रहा है, काली मिट्टी पर सडक बनाने पर तुला है और सडक चौड़ीकरण के नाम पर डब्ल्यूबीएम के नाम पर सिर्फ भ्रष्टाचार किया जा रहा है। तब टाउनशिप के अधिकारियों ने ठेकेदार के घटिया निर्माण को बंद करवाया हऔर सडक चौड़ीकरण में हुई गड़बड़ी को ठीक करते हुए पुनः शेड्यूल के अनुसार कार्य करने को कहा है। संघ के अध्यक्ष मुश्ताक अहमद राजहरा टाउनशिप के अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया है कि कार्य नियमों और गुणवत्ता के साथ हो, सडक निर्माण में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लंबे समय के बाद सडक निर्माण हो रहा है और ऐसा निर्माण हो कि लंबे समय तक चलें और सडक निर्माण का लाभ नगर की जनता को मिलें न कि ठेकेदार और भ्रष्ट अधिकारियों को। संघ के प्रतिनिधि मंडल में मुख्य रूप से शेखर निर्मलकर, टकेशवर साहू, जीवन साहू, देवालाल, परस राम, अज़हर खान, अर्जुन राय, भीमसेन यादव, विवेक पांडेय, डामेशवर यादव, महेश पांडे, वार्ड क्रमांक 26 के पार्षद भूपेंद्र श्रीवास, वार्ड क्रमांक 9 के पार्षद मेवालाल पटेल, वार्ड क्रमांक 2 से सोमेश जायसवाल, ललित जैन एवं भारतीय मजदूर संघ के कार्यकर्ता शामिल थे।

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