होली के रंगों से भरे रिश्तों में नए रंग, प्रेस क्लब सुकमा का होली मिलन समारोह बना एकता की मिसाल


= प्रेस क्लब के बाद का पहला ही आयोजन रच गया नया आयाम

सुकमा। प्रेस क्लब सुकमा के गठन के बाद पहली बार आयोजित होली मिलन समारोह ने जिले में एक नई मिसाल पेश की। रंगों के इस पर्व पर आयोजित यह भव्य कार्यक्रम सिर्फ एक उत्सव नहीं रहा, बल्कि पत्रकारों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच संवाद, आत्मीयता और आपसी विश्वास को मजबूत करने का एक सशक्त माध्यम बन गया। होली के रंगों ने लोकतंत्र के इन तीनों अंगों के बीच रिश्तों के नए रंग भर दिए।
होली के पावन अवसर पर आयोजित इस मिलन समारोह में जिले के दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन के अधिकारी, जिले के वरिष्ठ वकील और पत्रकार बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह रंग, गुलाल और भाईचारे की खुशबू से सराबोर रहा। मनवा कैफे परिसर में आयोजित इस समारोह में अतिथियों का स्वागत पत्रकारों ने गुलाल लगाकर किया। चारों ओर होली है की गूंज, मुस्कुराते चेहरे और आत्मीय बातचीत ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया। इस दौरान राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर सभी ने एक-दूसरे को गले लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं।कार्यक्रम की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इसमें जिले के दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दलों के पदाधिकारी एकसाथ नजर आए। सामान्य दिनों में जहां राजनीतिक मंचों पर विचारों की भिन्नता दिखाई देती है, वहीं इस होली मिलन समारोह में सभी ने आपसी सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया। यह दृश्य इस बात का प्रतीक था कि लोकतंत्र में विचार अलग हो सकते हैं, लेकिन समाज और क्षेत्र के विकास के लिए सबका उद्देश्य एक ही होता है। जिला प्रशासन के अधिकारियों की उपस्थिति ने भी इस आयोजन को और अधिक गरिमा प्रदान की। अधिकारियों ने पत्रकारों के साथ आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि पत्रकार समाज का आईना होते हैं और उनकी जिम्मेदारी सिर्फ खबरें लिखने या दिखाने तक ही सीमित नहीं होती, बल्कि समाज की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने में भी उनकी अहम भूमिका होती है। प्रेस क्लब के अध्यक्ष सतीश चांडक ने कहा कि सुकमा जैसे संवेदनशील और दूरस्थ जिले में पत्रकारिता करना चुनौती भरा होता है। ऐसे में प्रेस क्लब का गठन पत्रकारों को एक मंच देने के साथ-साथ समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने का भी काम कर रहा है। यह पहला होली मिलन समारोह उसी दिशा में एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण कदम है।
भाजपा जिला अध्यक्ष धनीराम बारसे ने कहा कि पहली बार प्रेस क्लब गठन के बाद इस तरह का आयोजन जिले में पत्रकारों द्वारा किया गया है जो काफी सराहनीय है। पत्रकार जिले के हर कमी बेसी को शासन प्रशासन तक पहुंचाने का काम करते है। वही जनता तक सरकार की योजनाओं की जानकारी पहुंचाने में अहम योगदान देते है। होली मिलन समारोह आपसी भाईचारे और एकता का जीवंत उदाहरण है। समारोह के दौरान सांस्कृतिक माहौल भी देखने को मिला। गीत, संगीत, हंसी, मजाक और आपसी बातचीत के बीच सभी ने मिलकर होली के रंगों को साझा किया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों ने प्रेस क्लब सुकमा की इस पहल की सराहना करते हुए इसे परंपरा के रूप में आगे भी जारी रखने की उम्मीद जताई। होली के रंगों से सजा यह आयोजन सिर्फ एक त्योहार का उत्सव नहीं था, बल्कि यह संदेश भी दे गया कि जब समाज के अलग-अलग वर्ग एक मंच पर आते हैं तो रिश्तों में विश्वास और सहयोग की नई ऊर्जा जन्म लेती है। प्रेस क्लब सुकमा द्वारा आयोजित यह पहला होली मिलन समारोह निश्चित ही जिले की सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बन गया, जिसने यह साबित कर दिया कि रंगों का यह पर्व दिलों को जोड़ने की सबसे खूबसूरत ताकत रखता है।

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