अस्पताल का रंग रोगन या चेहरा चमकाने की कवायद?

= कलेक्टर छिकारा के दौरे के मद्देनजर पोल छुपाने में जुटा स्वास्थ्य विभाग


-अर्जुन झा-
जगदलपुर। नए कलेक्टर आकाश छिकारा ने बस्तर जिले की कमान सम्हालते ही आम आदमी से सीधे तौर पर जुड़े विभागों की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का बीड़ा उठा लिया है। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को bhi दुरुस्त करने की ठान ली है। इसी क्रम में वे आजकल में जिला चिकित्सालय महारानी अस्पताल का दौरा करने वाले हैं। कलेक्टर के संभावित दौरे को देखते हुए जिला अस्पताल प्रबंधन अपनी पोल ढंकने और अपन चेहरा चमकाने की कवायद में जुट गया है।इसके तहत अस्पताल परिसर का रंग रोगन कराया जा रहा है, गैलरियों में फूल पौधों के गमले रखवाए जा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर आकाश छिकारा ने मंगलवार की शाम स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक ली थी और विभाग के पूरे अमले को ड्यूटी में सजग रहने और विभागीय योजनाओं के शत प्रतिशत क्रियान्वयन के लिए सख्त निर्देश दिए थे। कलेक्टर ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों तथा विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और संस्थागत व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिए। कलेक्टर श्री छिकारा ने मैदानी स्वास्थ्य केंद्रों की रात्रिकालीन उपचार एवं स्वास्थ्य सेवाओं की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारियों को रात में निरीक्षण पर जाने के निर्देश दिए थे। कलेक्टर द्वारा गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच, सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में एएनसी जांच एवं संस्थागत प्रसव सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों में संस्थागत प्रसव का औसत 5 से कम होने की स्थिति में, वहां के ब्लॉक मेडिकल ऑफ़िसर को नोटिस जारी करने और खराब प्रदर्शन वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के स्टाफ की ड्यूटी जिला अस्पताल में रोस्टर के अनुसार लगाने के निर्देश दिए थे। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों में पेयजल समस्या के समाधान पर जोर देते हुए प्रसव सेवाएं सुनिश्चित करने को कहा था। कलेक्टर के कड़े तेवर के बाद संभावना है कि एक दो दिन में वे जिला चिकित्सालय में भी दबिश दे सकते हैं। इसी डर के मारे जिला चिकित्सालय
प्रबंधन अलर्ट मोड पर आ गया है। महारानी अस्पताल का युद्ध स्तर पर रंग रोगन, गमले लगाने, सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने में तमाम अधिकारी जुट गए हैं। सूत्रों के अनुसार कलेक्टर आकाश छिकारा ने स्वास्थ्य विभाग को और वहां पदस्थ डॉक्टर कर्मचारी को साफ साफ कहा है कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। बता दें कि जिला चिकित्सालय की बदइंतजामी नई बात नहीं है। स्टॉफ और डॉक्टर्स का बर्ताव मरीजों एवं उनके परिजनों के साथ सम्मानजनक नहीं रहता। मरीजों और उनके परिजनों को अक्सर दुत्कारा जाता है, समय पर ईलाज की सुविधा नहीं मिलती, पूरे अस्पताल परिसर, टॉयलेट्स में गंदगी छाई रहती है। अब जब कलेक्टर का दौरा प्रस्तावित है तो इन तमाम खामियों पर पर्दा डालने की कोशिशें शुरू कर दी गई हैं।

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