पब्लिक का पुलिस से उठा भरोसा, प्रेस से मदद की उम्मीद


= असामाजिक तत्वों से हलाकान शिक्षक दंपत्ति ने लगाई मदद की गुहार

जगदलपुर। शहर में अपराधी और असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हो चले हैं। पब्लिक का भरोसा पुलिस पर से उठता जा रहा है। शायद यही वजह है कि परेशान लोग अब पुलिस की अपेक्षा प्रेस की ओर उम्मीद भरी नजरों से देखने लगे हैं।
आलम यह है कि एक शिक्षक दंपत्ति को इंसाफ के लिए मीडिया से मदद मांगनी पड़ी है। नगर और आसपास के गांवों में आपराधिक गतिविधियां काफी बढ़ गई हैं। अवैध शराब विक्रय, गांजा व नशीली दवाओं का गोरखधंधा, चोरी जैसी घटनाएं काफी बढ़ चली हैं। असामाजिक तत्व राह चलते लोगों को परेशान करते हैं। दंतेश्वरी मंदिर और पॉश कॉलोनियों में चोरी की बड़ी घटनाएं हाल के दिनों में हुईं थीं। हालांकि चोरी के बड़े मामलों को पुलिस ने सुलझा लिया है, मगर अपराधी तत्वों में जैसा खौफ पुलिस का होना चाहिए, वैसा नजर नहीं आ रहा है। लफंगे किस्म के लोग आम नागरिकों और सरकारी कर्मचारियों के बीच खुलेआम दहशत फैला रहे हैं। लोग अपने क्षेत्र के थानों में शिकायत करते हैं, मगर पुलिस अपेक्षित तत्परता नहीं दिखाती। इसका नतीजा यह होता है कि ये असामाजिक तत्व दोगुने जोश के साथ लोगों को परेशान करने पर तुल जाते हैं। इसके चलते पब्लिक का भरोसा पुलिस पर से उठता जा रहा है। पब्लिक को एकमात्र उम्मीद की किरण अब प्रेस से नजर आ रही है। यही वजह है कि दुखी पीड़ित लोग अब अपनी फरियाद लेकर मीडिया तक पहुंचने लगे हैं। ऐसे ही धरमपुरा कॉलोनी निवासी शिक्षिका राखी बिश्वास। श्रीमती बिश्वास का आरोप है कॉलोनी में लगातार जारी असामाजिक गतिविधियों ने उनका चैन से जीना हराम कर रखा है। लगातार शिकायतें करने के बावजूद पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इससे क्षुब्ध होकर श्रीमती बिश्वास और उनके पति ने मीडिया के जरिए पुलिस को जगाने का प्रयास किया।

…..और जाग उठी पुलिस

शिक्षक दंपत्ति के मीडिया की शरण में जाने की खबर लगते ही अचानक पुलिस जाग उठी। धरमपुरी कॉलोनी निवासी शिक्षिका राखी बिश्वास और उनके पति द्वारा मामले me मीडिया से मदद की अपील किए जाने की बात सामने आते ही आनन फानन में परपा थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली। इसके लिए राखी बिश्वास ने मीडिया को सहृदय धन्यवाद देते हुए पत्रवार्ता कैंसिल कर दी। अगर पुलिस ने ऎसी ततपरता पहले ही दिखा दी होती, तो न शिक्षक दंपत्ति को मीडिया की शरण में आना पड़ता और न ही पत्रकारों को बेवजह परेशान होना पड़ता। अब उम्मीद की जा रही है कि बस्तर जिला पुलिस हर मामले में ऎसी ही ततपरता और संवेदनशीलता दिखाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *