सरकार पोंछ रही है गरीबों के आंसू, भाजपा समर्थित सरपंच महिला का घर तोड़ने आमादा

= पीड़ित महिला ने कलेक्टर एसपी से लगाई गुहार
= वन अधिकार पट्टे की जमीन पर बना है मकान

-अर्जुन झा-
बकावंड। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जहां गरीबों के आंसू पोंछने का काम कर रहे हैं, बेघरों को पक्के घर मुहैया करा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विकासखंड बकावंड के एक भाजपा समर्थित सरपंच विधवा महिला को बेघर करने और उसके आशियाने को तोड़ने पर आमादा हो गए हैं। जबकि इस महिला के पास वन अधिकार पट्टा है। सरपंच ने घर खाली करने का नोटिस महिला को भेजा है। यही नहीं सरपंच मकान को तोड़ने बुलडोजर लेकर भी पहुंच गए थे। पीड़ित महिला ने कलेक्टर और एसपी से मदद एवं इंसाफ के लिए गुहार लगाई है।
मामला बकावंड ब्लॉक की ग्राम पंचायत करपावंड का है। यहां के भाजपा समर्थित सरपंच अपनी दबंगई का परिचय देते हुए सरकार की छवि को दागदार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। सरपंच द्वारा विधवा महिला के नाम आबंटित पट्टे को अवैध बताते हुए उसका मकान खाली कराने का फरमान जारी कर आशियाना तोड़ने की कोशिश की जा रही है।पीड़ित महिला को जो आवास प्राप्त हुआ है, वह शासन द्वारा स्वीकृत है। शासन द्वारा रकबा 0.03 हेक्टेयर की जमीन का पट्टा मनोहर सिंह पटेल के नाम पर वन अधिकार अधिनियम के तहत प्रदान किया गया है। इसके बावजूद भाजपा समर्थित सरपंच द्वारा उक्त स्थान को अतिक्रमण बताकर बुलडोजर चलाने की कोशिश की गई। मौके पर ग्रामीणों के विरोध के बाद कुछ देर हंगामा हुआ और जेसीबी को वापस लौटना पड़ा। बुलडोजर से बेदखल किए जाने के भय से पीड़ित महिला ने जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। महिला ने बताया कि उसे शासन से प्राप्त आवास एवं पट्टा वैध है, इसके बावजूद दबंग सरपंच द्वारा मकान तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उसने अपने और बच्चों के जीवन सुरक्षा की मांग भी की। सरकार ने महिला को जो वनाधिकार पट्टा जारी किया है, उसे करपावंड सरपंच द्वारा अवैध बताते हुए नोटिस जारी कर मकान खाली करने के लिए कहा गया। नोटिस में तीन दिन के भीतर मकान खाली करने का उल्लेख किया गया है। पीड़ित महिला ने बताया कि वह विधवा है और शासन की योजना के तहत उसे आवास मिला है। सरपंच द्वारा बार-बार परेशान किया जा रहा है। उसने मांग की है कि प्रशासन उसके मकान को सुरक्षित रखे और न्याय दिलाए। प्रशासन द्वारा मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। अधिकारियों ने कहा है कि यदि महिला को वैध पट्टा प्राप्त है तो उसे किसी भी स्थिति में बेदखल नहीं किया जाएगा।

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