= पानी भरे गड्ढे में डूबने से हुई मासूम बच्चे की मौत

जगदलपुर। बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा जिले के गीदम थाना क्षेत्र अंतर्गत सोनारपारा और घोटपाल के बीच स्थित एक पुराने क्रशर प्लांट क्षेत्र में होली के दिन एक दर्दनाक हादसा हो गया। गीदम के वार्ड क्रमांक 13 निवासी तीन भाइयों में से 14 वर्षीय छोटे भाई आदर्श बघमरिया पिता नीलेश बघमरिया की पानी भरे गहरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई।
जानकारी के अनुसार आयुष अपने दो भाईयों के साथ पुराने क्रशर प्लांट के खदान क्षेत्र में गया था। इस दौरान बड़ा भाई अचानक गहरे पानी में चला गया। उसे बचाने की कोशिश में छोटे भाई का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में डूब गया। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही गीदम पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया। बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर यह हादसा हुआ, वहां वर्षों पहले क्रशर प्लांट संचालित होता था, जो लंबे समय से बंद है और उसकी लीज भी समाप्त हो चुकी है। पूर्व में हुए खनन कार्यों के कारण वहां बड़े-बड़े गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिनमें पानी भर गया है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इन खतरनाक गड्ढों के आसपास न तो किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था की गई है और न ही चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, जिससे यह स्थान आम लोगों और विशेषकर बच्चों के लिए बेहद खतरनाक बन गया है। इस संबंध में खनिज निरीक्षक अश्वनी झाड़ी ने बताया कि लगभग एक दशक पूर्व उक्त स्थान को मात्र दो वर्षों के लिए लीज पर दिया गया था। लीज समाप्त होने के बाद भूमि उद्योग विभाग को हस्तांतरित कर दी गई थी और बाद में इसे मत्स्य विभाग को सौंप दिया गया। उन्होंने कहा कि गड्ढों को भरने का कोई स्पष्ट नियम नहीं है। इसलिए इस प्रकार की घटनाएं हो जाती हैं और इसमें खनिज विभाग का प्रत्यक्ष संबंध नहीं है।
वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि लीज समाप्त हो चुकी थी और भूमि अन्य विभागों को हस्तांतरित कर दी गई थी, तो ऐसे खतरनाक गड्ढों की जिम्मेदारी किस विभाग की है, यह स्पष्ट किया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने मांग की है कि यह स्पष्ट किया जाए कि संबंधित भूमि उद्योग विभाग, मत्स्य विभाग या खनिज विभाग में से किसके अधिकार क्षेत्र में आती है और जिम्मेदारी तय करते हुए इस पूरे मामले की दंडाधिकारी जांच कराई जाए। ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए, क्योंकि मृतक अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
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