ग्रामीणों को नहीं मिला तेंदूपत्ता तोड़ाई और भराई का पारिश्रमिक

= जिला पंचायत सदस्य हुंगाराम मरकाम से पीड़ित मजदूरों ने लगाई गुहार
= मरकाम ने मजूदरी दिलाने डीएफओ से की चर्चा

जगदलपुर। बस्तर में तेंदूपत्ता आदिवसी वर्ग की आय का प्रमुख स्त्रोत्र है। लेकिन इसी कार्य में यहां के मजदूरों का आर्थिक शोषण जारी है। सुकमा जिले में तेंदूपत्ता तोड़ाई और बोरा भराई की मजदूरी का भुगतान कई मजदूरों को नहीं किया गया है।
सुकमा जिले के पतिकनाईकरास गांव के कई ग्रामीणों को फड़ मुंशी ने तेंदूपत्ता तोड़ाई और बोरा भराई का पैसा नहीं दिया है। कई बार ग्रामीणों ने पैसे मांगे लेकिन नहीं मिला। परेशान मजदूरों ने जिला पंचायत सदस्य हुंगाराम मरकाम से मामले की शिकायत की। जिसके बाद भाजपा नेता हुंगाराम मरकाम ने डीएफओ से चर्चा कर तत्काल पैसे दिलाने का आग्रह किया।जानकारी के मुताबिक पतिकनाईकरास गांव के एक दर्जन से ज्यादा ग्रामीण जिला पंचायत सदस्य व भाजपा नेता हुंगाराम मरकाम के घर पहुंचे। जहां उन्होने एक शिकायत पत्र दिया। जिसमें वर्ष 2025 का तेंदुपत्ता तोड़ाई और बोरा भराई का पैसा फड़ मुंशी द्वारा नहीं दिए जाने की बात कही गई है। ग्रामीण कई बार फड मुंशी के पास गए और पैसे मांगे लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसलिए ग्रामीणों ने हुंगाराम मरकाम के पास शिकायत दर्ज करवाई। जिसके बाद भाजपा नेता हुंगाराम मरकाम ने तत्काल डीएफओ से चर्चा की और जल्द भुगतान कराने की बात कही। साथ ही हुंगाराम मरकाम ने ग्रामीणों से कहा कि प्रदेश में विष्णुदेव की सरकार है और सरकार में आदिवासियों का शोषण कोई नहीं कर सकता। साथ ही शासन की योजनाओं का भी लाभ जरूर मिलेगा।

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