दस माह भी नहीं टिक पाई की दस लाख की सड़क; चिखलाकसा नगर पंचायत के कार्य पर उठे सवाल

= आरसीसी सड़क की कुछ ही माह में उड़ी धज्जियां
नपं के अधिकारी अब करने लगे हैं बहानेबाजी


*दल्ली राजहरा।*शहर के प्रवेश द्वार पर भ्रष्टाचार नागरिकों का स्वागत करता दिखाई देता है। चिखलाकसा नगर पंचायत क्षेत्र में अटल चौक से नगर पंचायत मार्ग की दोनों ओर दस लाख की लागत से बनाई गई आरसीसी सड़क दस माह भी टिक नहीं पाई।
सड़क निर्माण गुणवत्ता को लेकर यहां के नागरिक सवाल खड़े कर रहे हैं। इस सड़क का निर्माण नगर पंचायत द्वारा 10.30 लाख रुपए की लागत से कराया गया था। स्थानीय निवासियों के अनुसार सड़क के दोनों किनारों की सीमेंट परत उखड़ चुकी है और कई स्थानों पर आरसीसी पूरी तरह टूटकर बिखर गई है। लोगों का कहना है कि इतनी कम अवधि में सड़क का जर्जर होना निर्माण कार्य में अनियमितता या निम्न स्तर की सामग्री के उपयोग की ओर संकेत करता है। इस संबंध में जब पंचायत के अभियंता राकेश पाठक से जानकारी ली गई, तो उन्होंने बताया कि सड़क पर भारी वाहनों के चलने से ऐसा हुआ है। जबकि लोगों का कहना है कि सड़क के बीच कई स्थानों पर वृक्षारोपण किए जाने से बड़े वाहनों का गुजरना संभव ही नहीं है। यह मार्ग मुख्य डामरीकृत सड़क के दोनों ओर स्थित सहायक सड़क के रूप में उपयोग किया जाता है, जहां छोटे वाहनों और पैदल राहगीरों का ही आवागमन होता है। सवाल यह है कि जब सड़क के बीचों-बीच पेड़ लगे हुए हैं, बड़े वाहनों का प्रवेश ही संभव नहीं है, तो फिर यह ‘ओवरलोडेड वाहन’ आए कहां से? क्या ये भी ‘कागजी वाहन’ थे? जैसे कई काम ‘कागजी’ होते हैं? सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह कार्य एक स्थानीय ठेकेदार द्वारा कराया गया है। नागरिकों का आरोप है कि निर्माण स्वीकृति और निरीक्षण के दौरान ठेकेदार ने प्रभाव का उपयोग कर कार्य पास कराया था, जिसके चलते निर्माण में खामियां होने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई। नागरिकों का कहना है कि नगर पंचायत क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए आने वाली राशि का उचित उपयोग होना चाहिए, ताकि जनता को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। वहीं वे इस पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग लोग कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *