सेप्टिक टैंक निर्माण में लोहे की रॉड की जगह लगा दिया बांस; अब उगने लगा है पौधा

सामुदायिक शौचालय निर्माण में लापरवाही
बिना रॉड के बाँस से बनाई गई सेप्टिक टंकी, गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल

बकावंड। ये बकावंड है जनाब, यहां उल्टे बांस बरेली को वाली कहावत अक्सर चरितार्थ होती रहती है। क्या आपने कहीं देखा या सुना है कि बांस से भी शौचालय का सेप्टिक टैंक बनाया जा सकता है? इस असंभव कार्य को संभव कर दिखाया है भ्रष्ट सिस्टम ने। सेप्टिक टैंक में लगानी थी लोहे की रॉड, मगर लगा दिए बांस। अब बांस वाला यह टैंक कब तक टिकेगा, कहा नहीं जा सकता।
विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायत पाईकपाल में सामुदायिक शौचालय निर्माण में गंभीर लापरवाही और अनियमितता सामने आई है। जानकारी के अनुसार, शासन द्वारा स्वीकृत सामुदायिक शौचालय का निर्माण कार्य पूर्व सरपंच के कार्यकाल में प्रारंभ किया गया था, लेकिन वर्तमान सरपंच सोमारी कश्यप एवं पंचायत सचिव लिंगोराम विश्वकर्मा द्वारा सेप्टिक टैंक के निर्माण में बड़े पैमाने पर गुणवत्ता से समझौता किया गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सेप्टिक टंकी में जहां मजबूत आरसीसी निर्माण के लिए स्टील रॉड (रीबार) का उपयोग अनिवार्य होता है, वहां उसकी जगह बांस का उपयोग किया गया है। आरोप है कि यह काम पूरी तरह मनमानी तरीके से कराया गया और निर्माण के दौरान किसी भी तकनीकी मानक का पालन नहीं किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि जब भी इंजीनियर निरीक्षण के लिए पहुंचते हैं, निर्माण में दिख रही अनियमितताओं को अनदेखा कर दिया जाता है। इससे पंचायत में निर्माण कार्यों की निगरानी पर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं।

पूर्व सरपंच ने जताई आपत्ति

पूर्व सरपंच घासीराम बघेल ने भी वर्तमान निर्माण की गुणवत्ता पर कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सेफ्टी गड्ढे में रॉड के बजाय बांस का उपयोग किया गया है। यह संरचना बहुत दिनों तक टिक नहीं पाएगी और कभी भी क्षतिग्रस्त हो सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि कमजोर निर्माण के कारण भविष्य में टंकी धंसने या टूटने का खतरा बना रहेगा, जिससे दुर्घटना की आशंका भी है।अब ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से तत्काल तकनीकी जांच, जिम्मेदारों पर कार्यवाही, एवं मानकों के अनुसार पुनः निर्माण की मांग की है।

होगी निर्माण की जांच

मैं अभी मौके पर पहुंच कर मुआयना करूंगा, फिर जानकारी दे सकता हूं।
-शानू मौर्य,
रोजगार मिशन प्रभारी

नए सिरे से होगा निर्माण

अगर किसी भी प्रकार की अनियमितता पाई गई तो सेप्टिक टैंक को तोड़ कर पुनः बनावाया जाएगा।
-विविध सिंह,
एसडीओ, आरईएस

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *