नाली बनाई आधी और खा गए रकम पूरी

= ग्राम पंचायत पाईकपाल में हुआ बड़ा नाली घोटाला =
= बकावंड जनपद पंचायत के अधिकारियों की मिलीभगत का अंदेशा =
= स्वीकृति 200 मीटर की और बनाई महज 110 मीटर लंबी नाली =

-अर्जुन झा-
बकावंड। बस्तर जिले की बकावंड जनपद पंचायत की ग्राम पंचायतों में अजब गजब कारनामे होते रहते हैं। सरकारी धन हजम करने के लिए यहां होड़ सी मची हुई है। जनहित को दरकिनार कर पंचायत प्रतिनिधि और जनपद के अधिकारी कर्मचारी आधा अधूरा काम करवा कर पूरी रकम हजम कर जाने में एक्सपर्ट हो गए हैं। ऐसा ही एक बड़ा मामला ग्राम पंचायत पाईकपाल से सामने आया है। यहां स्वीकृत लंबाई से आधी लंबाई की नाली बनवा कर पूरी रकम डकार ली गई है।
मिली जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत पाईकपाल में आदिआदर्श ग्राम योजना के तहत 5.40 लाख रुपये की लागत से 200 मीटर लंबी नाली निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया था। लेकिन स्थल पर की गई जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। टेप से नापे जाने पर नाली मात्र 110 मीटर ही लंबी निकली, जबकि कागजों में इसे पूरा दिखा दिया गया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सरपंच सोमारी कश्यप और सचिव लिंगोराम विश्वकर्मा ने शासन को रिपोर्ट भेजकर दावा किया है कि पूरे 200 मीटर लंबी नाली का निर्माण कर लिया गया है, जबकि वास्तविक स्थिति इसके ठीक उलट है। सूत्रों के अनुसार अधूरे काम के बावजूद 2 लाख 69 हजार रुपए का भुगतान दर्शाकर राशि आहरित कर ली गई है। यह स्पष्ट रूप से गंभीर अनियमितता, गबन और फर्जीवाड़े की ओर संकेत करता है। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व सरपंच के कार्यकाल में नाली का निर्माण अधूरा था, लेकिन वर्तमान सरपंच ने जनपद पंचायत की मिलीभगत से राशि हड़प ली है। नाली आज भी अधूरी है और जल निकासी की समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस मामले में सिर्फ सचिव और सरपंच का खेल नहीं, बल्कि जनपद पंचायत के अधिकारियों की लापरवाही और मिलीभगत भी साफ नजर आ रही है।जब नाली पूरी नहीं बनी, तो भुगतान कैसे हुआ? किसने सत्यापन किया? किसके आदेश पर राशि निकाली गई? यह बड़े सवाल हैं, जिनका जवाब अभी तक किसी अधिकारी ने नहीं दिया है। ग्रामीणों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच कर जिम्मेदार सरपंच, सचिव और संबंधित जनपद अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

मौजूदा सरपंच, सचिव दोषी

मेरे कार्यकाल मे नाली निर्माण स्वीकृत हुआ था। 110 मीटर लंबी नाली बनी है। वर्तमान सरपंच सचिव ने राशि निकाल कर रख ली है।
-घासीराम बघेल,
पूर्व सरपंच, पाईकपाल

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