छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में शव को कब्र से निकालने के बाद बड़ा विवाद हो गया, जिसके बाद तेवड़ा गांव में लगातार तीन दिन से चल रहे इस विवाद ने गुरुवार को आगजनी का रुप ले लिया।
3 दिनों तक चले तनाव में आदिवासी और मसीही समुदाय आमने-सामने आ गए। हालात यहां तक बिगड़े कि आमाबेड़ा और बड़े तेवड़ा इलाके में बने 3 चर्च और प्रार्थना भवनों में आगजनी, पत्थरबाजी और तोड़फोड़ हुई, जिस घटना को लेकर मसीहियों ने श्री पुष्पेंद्र महंत जी के नेतृत्व में सोमवार को कलेक्टर के नाम मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा है।
मसीहजनों ने ज्ञापन में मुख्यमंत्री से मांग करते हुए पत्र में लिखा है कि, भले ही संबंधित अनुयायी सरपंच द्वारा अपने पिता जी का क्रियाकर्म पैतृक रीति रिवाज अनुसार नहीं किया जा सका, जिस पर गांव के गणमान्य एवं वरिष्ठ जनों एवं समुदाय के लोगों के द्वारा परिस्थितियों को देखते हुए उचित एवं सम्यक परिस्थितियाँ निर्मित करते हुए शांति पूर्वक ढंग से मृत शव का क्रियाकर्म कराया जाना चाहिए था, किन्तु इसके विपरित गांव के ही लोगों एवं समुदाय/संगठन के लोगों के द्वारा मसीही विरोधी मानसिकता व्यक्त करते हुए बिना किसी दोष एवं कारण के पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर गांव में स्थित चर्च/गिरजा घरों में व्यापक तौर पर तोड़ फोड़ कर आगजनी की घटना कारित करते हुए अत्याधिक लोक हानि कारित की गई है।
जिससे हम मसीही समाज जन अत्यंत दुखी एवं क्षुब्ध हैं। इस ज्ञापन पत्र के माध्यम से हम यह चाहते हैं कि संबंधित घटना के संबंध में जिम्मेदार संगठन के लोगों एवं उपद्रवियों के खिलाफ तत्काल कार्यवाही की जाए।

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