एचडीएफसी बैंक दल्ली राजहरा के मैनेजर की तानाशाही, सील की भाषा के नाम पर रोका नगर पालिका का भुगतान

= नपा के ठेकेदारों को किया जा रहा है परेशान


दल्ली राजहरा। भाजपा पिछड़ा मोर्चा के जिला अध्यक्ष श्याम जायसवाल ने एचडीएफसी बैंक दल्ली राजहरा शाखा के प्रबंधक रमेश मिश्रा पर सरकारी भुगतान प्रक्रिया में बेवजह अड़ंगे लगाने का गंभीर आरोप लगाया है।
श्याम जायसवाल ने एक बयान में कहा है कि नगर पालिका द्वारा 3 मार्च को डिजिटल हस्ताक्षरित पत्र व चेक में ओरिजनल हस्ताक्षर कर बैंक को लेखपाल सुनील तराम द्वारा भेजा गया था। जिस पर बैंक प्रबंधक द्वारा आपत्ति कर भुगतान रोक दिया गया। 5 मार्च को मैनेजर की आपत्ति पर अधिकारी के ओरिजिनल सिग्नेचर वाला नया पत्र पुनः बैंक मैनेजर को सौंप दिया गया, लेकिन अब मैनेजर द्वारा ‘सील हिंदी में नहीं है’ जैसी आपत्ति जताकर भुगतान को पुनः रोक दिया गया है। पुनः हिंदी वाली सील लगाकर पत्र भेजने पर बैंक प्रबंधक द्वारा पुनः इसमें बालोद जिला लिखा है कहकर आपत्ति की गई है। यह ठेकेदार को बैंक द्वारा मानसिक व आर्थिक प्रताड़ना है। श्याम जायसवाल ने आरोप लगाया है कि नगर पालिका के करोड़ों रुपए एचडीएफसी बैंक शाखा में जमा है। बैंक के मैनेजर द्वारा लेखपाल से मिलकर कर नगर पालिका का खाता स्टेट बैंक शाखा से एचडीएफसी बैंक में ट्रांसफर कराया गया है। और यह दोनों मनमानी कर ठेकेदारों का पेमेंट हमेशा 2 से 3 दिन लेट भुगतान करते हैं। पूर्व में भी ऐसा हो चुका है। अतः तत्काल लेखपाल सुनील तराम को लेखपाल के पद से हटा कर इसके कार्यकाल की जांच कराई जाए और एचडीएफसी से बैंक खाता बंद कर स्टेट बैंक शाखा में खोला जाए।

श्याम जायसवाल के तथ्य

श्याम जायसवाल ने कुछ तथ्य भी सामने रखे हैं।. उनका कहना है कि जब पत्र पर सक्षम अधिकारी के मूल हस्ताक्षर मौजूद हैं, तो सील की भाषा (अंग्रेजी) को आधार बनाकर भुगतान रोकना बैंकिंग नियमों का उल्लंघन और मानसिक प्रताड़ना है। 3 मार्च से लगातार बैंक के चक्कर लगवाए जा रहे हैं। जिससे स्पष्ट होता है कि बैंक प्रबंधन जानबूझकर सरकारी राशि को रोक कर रखना चाहता है। होली त्योहार और महीने के खर्चों के बीच मजदूरों का भुगतान रुकने से ठेकदारों में आक्रोश व्याप्त है। अतः तत्काल इस मामले पर कार्रवाई करने नगर पालिका अध्यक्ष व उपाध्यक्ष से निवेदन किया गया है।

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