बीएसपी में कार्यरत सुरक्षा गार्डों का शोषण कर रहे हैं नियोक्ता ठेकेदार: मुश्ताक अहमद

= माइंस प्रबंधन से संघ ने की ठेकेदार की शिकायत

दल्ली राजहरा। खदान मजदूर संघ भिलाई से संबंद्ध भारतीय मजदूर संघ दल्ली राजहरा के अध्यक्ष मुश्ताक अहमद ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया है कि संघ के प्रतिनिधिमंडल ने उप प्रबंधक नगर प्रशासन विभाग टाउनशिप राजहरा को ज्ञापन सौंपकर बीएसपी माइंस के सार्वजनिक भवनों और अन्य स्थानों में कार्यरत निजी सुरक्षा गार्डों के वेतन भुगतान में अनियमितता करने एवं इस शिकायत के निराकरण तक ठेकेदार का अंतिम भुगतान रोके जाने की मांग की है।
संघ के अध्यक्ष मुश्ताक अहमद ने बताया कि आईओसी में चल रहे संदर्भित सुरक्षा गार्डों के चल रहे ठेके में ठेकेदार द्वारा श्रमिकों का खुलकर शोषण किया जा रहा है और ठेका शर्तों का भी पालन नहीं किया जा रहा है। संदर्भित ठेका कार्य दिनांक 10 मार्च 2026 को समाप्त हो चुका है, किंतु ठेकेदार द्वारा सुरक्षा गार्डों के वेतन, बोनस एवं ओवरटाइम भुगतान संबंधी मामलों में गंभीर अनियमितताएं बरती गई हैं।जो जांच का विषय है। मुश्ताक अहमद ने बताया है कि सितंबर 2024 से मार्च 2025 तक सुरक्षा गार्ड रवि प्रकाश, कौशल सहारे एवं संदीप कोसरे से 26 दिवस कार्य कराने के बावजूद केवल 18 दिवस का ही वेतन भुगतान किया गया है। रवि प्रकाश द्वारा दिसंबर 2024 में ड्यूटी करने के उपरांत भी ठेकेदार द्वारा उनका वेतन भुगतान आज दिनांक तक नहीं किया गया। मार्च 2025 में दीपक सिंह का वेतन भी आज दिनांक पर्यंत लंबित है। इसके अतिरिक्त फर्म द्वारा कार्यरत सुरक्षा गार्ड संदीप कोसरे के पीएफ विवरण में भी गंभीर अनियमितता पाई गई है। उपलब्ध पीएफ स्टेटमेंट के अनुसार उनके खाते में पेंशन अंशदान शून्य दर्शाया गया है, जबकि नियमानुसार नियोक्ता द्वारा कर्मचारी के पीएफ के साथ पेंशन अंशदान जमा किया जाना अनिवार्य है। ठेका एजेंसी ने कार्यविधि में एकबार भी पेमेंट स्लिप न दे कर श्रम कानूनों का खुला उल्लंघन किया है। राष्ट्रीय अवकाश 26 जनवरी, 14 अप्रैल, 15 अगस्त, 2 अक्टूबर आदि के दिन ड्यूटी करने के बावजूद कर्मचारियों को न तो डबल वेतन दिया गया और न ही वैकल्पिक अवकाश प्रदान किया गया। ठेकेदार द्वारा सुरक्षा गार्डों से ओवर टाइम ड्यूटी करवाने के बाद ओवर टाइम का नियमतः वेतन भुगतान नहीं किया जाता है। ठेका अवधि समाप्ति के उपरांत दो वर्षों का अवकाश का भुगतान नहीं किया गया है। कर्मचारियों को एक वर्ष का बोनस भी प्रदान नहीं किया गया है। ठेकेदार द्वारा सुरक्षा गार्डों को केवल एक बार ही यूनिफॉर्म प्रदान की गई, जो कि पूरी ठेका अवधि 2 वर्ष के लिए अपर्याप्त है। इसके अतिरिक्त उपलब्ध कराए गए सेफ्टी शूज़ निम्न गुणवत्ता के थे, जो मात्र लगभग 2 सप्ताह में ही खराब हो गए। परिणाम स्वरूप सुरक्षा गार्डों को पूरे ठेका अवधि में अपने निजी खर्च से यूनिफॉर्म एवं अन्य आवश्यक सामग्री जैसे रैन कोट, टॉर्च खरीदकर ड्यूटी करने के लिए बाध्य होना पड़ा। इस संबंध‌ में संघ द्वारा ठेका अवधि के मध्य में ही प्रबंधन को लिखित व मौखिक रूप से अवगत भी कराया गया था, तथापि कोई सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई। टेंडर कंडीशन के अनुसार सुरक्षा गार्डों के लिए बैठने की उचित व्यवस्था एवं ड्यूटी पोस्ट शेल्टर उपलब्ध नहीं कराया गया। जबकि ठेके में इसके लिए अलग से राशि दी गई है सबसे गंभीर एवं अत्यंत चिंताजनक तथ्य यह है कि फर्म फर्स्ट चॉइस फेसिलिटीज द्वारा संपूर्ण ठेका अवधि के दौरान किसी भी सुरक्षा गार्ड को कंपनी का वैध पहचान पत्र जारी नहीं किया गया। इसके अतिरिक्त, बीएसपी प्रबंधन के अंतर्गत कार्य करने हेतु अनिवार्य गेट पास भी सुरक्षा गार्डों को उपलब्ध नहीं कराया गया। यह कृत्य न केवल ठेका शर्तों का घोर उल्लंघन है, बल्कि सुरक्षा मानकों, औद्योगिक नियमों एवं प्रशासनिक व्यवस्था
की दृष्टि से भी अत्यंत गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। बिना पहचान पत्र एवं गेट पास के किसी भी व्यक्ति से संवेदनशील औद्योगिक परिसर में कार्य कराना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है तथा यह संभावित सुरक्षा जोखिम की श्रेणी में आता है। श्री अहमद ने कहा है कि ये कृत्य श्रमिकों के अधिकारों का हनन एवं श्रम कानूनों का स्पष्ट उल्लंघन है साथ ही ठेका शर्तों में उल्लेखित नियमों का भी उल्लंघन है। यहां सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बीएसपी प्रबंधन द्वारा ठेकेदार द्वारा श्रमिकों को ठेका शर्तों के अनुसार और शासन के तय वेतनमान और अन्य सभी सुविधाएं दी जा रही है कि नहीं इसके लिए खदान में चलने वाले प्रत्येक ठेकों की निगरानी और श्रमिकों की सभी सुविधाएं मिल रही है कि नहीं उसके लिए एक श्रम कल्याण अधिकारी नियुक्त किया हुआ है उसके बाद भी ठेकेदार को बिना
श्रमिकों के वेतन भुगतान किए लेबर आफिसर द्वारा अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी कर दिया जाता है जोकि जांच का विषय है। संघ के अध्यक्ष मुश्ताक अहमद ने प्रबंधन से आग्रह किया है कि उक्त लिखित बिंदुओं की निष्पक्ष जांच कर फर्म फर्स्ट चॉइस फैसिलिटीज के विरुद्ध आवश्यक एवं दंडात्मक कार्रवाई करें तथा कर्मचारियों के हित में फर्म का अंतिम भुगतान तत्काल प्रभाव से रोका जाए, जिससे सभी कर्मचारियों का बकाया वेतन, ओवरटाइम एवं बोनस का भुगतान सुनिश्चित हो सके। ठेका अवधि में उपलब्ध न कराई गई यूनिफॉर्म, सेफ्टी शूज़, रेनकोट, टॉर्च आदि की लागत का आकलन कर उक्त राशि भी ठेकेदार के बिल से काटकर श्रमिकों को प्रदान की जाए। अन्यथा संघ द्वारा कड़े क़दम उठाए जाएंगे।

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