
= विधायक विक्रम मंडावी ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र =
= मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में विधायक ने रखी 7 मांगें =
बीजापुर। शुक्रवार को बीजापुर के विधायक विक्रम मंडावी ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिख कर इस तेंदूपत्ता सीजन में श्रमिकों के लिए नगद भुगतान की व्यवस्था कराने की मांग की है। इसके अलावा श्री मंडावी ने पत्र में सात मांगें भी उठाई हैं।
मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में विधायक विक्रम मंडावी ने कहा है कि बीजापुर जिले में सीजन 2026 में भी तेंदूपत्ता का संग्रहण किया जाना है। बीजापुर आदिवासी बाहुल्य जिला है तथा यहां निवासरत सभी ग्रामीण तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य करते हैं। अंदरूनी क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी परिवारों के जीविकोपार्जन का एकमात्र साधन तेंदूपत्ता संग्रहण ही है। बीजापुर जिला अति संवेदनशील क्षेत्र है। बीजापुर जैसे दुर्गम और आदिवासी बहुल क्षेत्र के सभी संग्रहकों के पास बैंक खाता उपलब्ध नहीं है। यहां पर अंदरूनी गांवों से बैंको की दूरी भी बहुत ही ज्यादा है। जिसके कारण ग्रामीणों को बैंको से राशि आहरण करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। तेंदूपत्ता संग्राहकों को पारिश्रमिक की राशि का भुगतान नगद हो ताकि उन्हें बैंकों की अत्यधिक दूरी का सामना ना करना पड़े। इसके साथ ही विधायक विक्रम मंडावी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री का 7 मांगों पर ध्यान भी अकृष्ट कराया है।
श्री मंडावी ने कहा है कि तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य ठेकेदारी प्रथा से कराया जाए, तेंदूपत्ता का नगद भुगतान संग्रहण केंद्र पर ही हो। 5500 रूपए प्रति मानक की दर को बढ़ाकर 7000 रूपए किया जाए।ग्रामीणों की मांग पर तत्काल तेंदूपत्ता फड़ खोला जाए। नेशनल पार्क, पामेड़ अभ्यारण एवं टिंडोड़ी अभ्यारण क्षेत्र में तेंदूपत्ता तोड़ने की व्यवस्था की जाए। फड़मुंशियों के कमीशन में वृद्धि करते हुए घोषणानुरूप 25 हजार रूपए वार्षिक मानदेय दिया जाए और तेंदूपत्ता तोड़ाई एवं खरीदी का कार्य लगातार 15 दिनों तक बिना किसी रूकावट के चलाया जाए। विधायक विक्रम मंडावी ने विश्वास जताते हुए कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बीजापुर जिले के आदिवासियों की इन मांगों को गंभीरता से संज्ञान में लेंगे और तेंदूपत्ता हितग्राहियों की मांगों का शीघ्र निराकरण करेंगे।
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