= समर्पण करने वालों में 12 महिला नक्सली भी =
= दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी से जुड़े थे नक्सली=

-अर्जुन झा-
जगदलपुर। बस्तर संभाग में आज 31 मार्च 2026 का दिन नक्सल उन्मूलन के मामले में इतिहास रच गया।आज माओवादी इतिहास की सबसे बड़ी रिकवरी हुई है, जिसके तहत नक्सली डंप से 14.06 करोड़ की संपत्ति बरामद की गई है। बरामद संपत्ति में 2.90 करोड़ कैश एवं 11.16 करोड मूल्य का 7.20 किग्रा सोना शामिल हैं। आज ही दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी से जुड़े 25 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। इनमें 12 महिला नक्सली शामिल हैं। यह बड़ी कामयाबी बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में हासिल हुई है। आज बीजापुर में बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी., सीआरपीएफ के डीआईजी बीएस नेगी और बीजापुर एसपी डॉ. जितेंद्र यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि डीकेएसजेड से जुड़े 25 नक्सलियों ने पुलिस अधिकारियों, समाज के वरिष्ठ जनों और अपने परिजनों की मौजूदगी में आत्मसमर्पण किया। इन नक्सलियों ने पुलिस को 4 नग एके-47 रायफल, 9 नग एसएलआर, एक नग इंसास एमएलजी, 7 नग 5.56 इंसास रायफल, एक नग पिस्टल, एक नग कार्बाइन, 12 नग .303 रायफल, 7 सिंगल शॉट गन, 23 नग बीजीएल लांचर, 14 नग 12 की बंदूक, 3 नग 315 बोर की बंदूकों सहित कुल 93 हथियार सौंपे हैं। इन आत्मसमर्पित नक्सलियों की निशानदेही पर जंगल में स्थित नक्सली डंप से 2 करोड़ 90 लाख रुपए कैश और 11 करोड़ 16 लाख रुपए मूल्य का 7.20 किलो सोना बरामद किया गया है। माओवादी इतिहास में यह सबसे बड़ी रिकवरी है। आज पुनर्वास करने वाले नक्सलियों पर 1.47 करोड़ रूपये का इनाम घोषित है।उल्लेखनीय है कि बीजापुर जिले में 1 जनवरी 2024 से लेकर 31 मार्च 2026 तक की अवधि में कुल 1003 नक्सलियों ने पुनर्वास से पुनर्जीवन का मार्ग अपनाया है । इसके पूर्व 5.37 करोड़ रूपये की बरामदगी हुई थी जिसमें 1.64 करोड रूपये मूल्य का 1.0 किग्रा सोना एवं 3.73 करोड़ रूपये नगद बरामद हुए थे । इस प्रकार अब तक 19.43 करोड रूपये की बरामदगी हुई है जिसमें 6.63 करोड रूपये कैश एवं 12.80 करोड़ रूपये मूल्य की 8.20 किग्रा सोना शामिल है ।











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