बस्तर के जंगलों में नक्सलियों के बाद अब लौट आया वन्य प्राणियों का राज

= कुटरू क्षेत्र जंगलों में बढ़ गया जानवरों का खौफ =
= जंगली जानवर ने दो ग्रामीणों पर किया हमला =


-अर्जुन झा-
जगदलपुर। नक्सलमुक्त होते ही बस्तर के जंगलों में अब वन्य प्राणियों की चहल कदमी काफी बढ़ गई है। गोलियों की तड़तड़ाहट, बम धमाकों से सहमे जंगली जानवर गुफाओं और कंदराओं में कैद होकर रह गए थे। नक्सलियों के खात्मे के बाद वे अब अपनी सैरगाहों में स्वच्छंद विचरण करने लगे हैं। मगर दुखद पहलू यह है कि ये जानवर अब इंसानों को निशाना बनाने लगे हैं। बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में जंगली जानवर ने दो ग्रामीणों पर हमला कर उन्हें बुरी तरह घायल कर दिया है। यह जानवर तेंदुआ था या भालू, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।
बीजापुर जिले के भैरमगढ़ ब्लाक के कुटरू नेशनल से सटे क्षेत्र के जंगलों में इन दिनों जंगली जानवरों की गतिविधियां काफी बढ़ गईं हैं। रविवार को एक ही दिन में दो अलग-अलग गांवों के ग्रामीणों पर हुए जंगली जानवरों के हमलों ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया है। ये ग्रामीण महुआ बीनने जंगल गए थे। इन हमलों ने जहां वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधियों को सामने लाया है, वहीं आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की लचर व्यवस्था की पोल भी खोल दी है।मिली जानकारी के अनुसार, पहला मामला ग्राम इदवाड़ा पंचायत पेटा का है जहां के निवासी लक्ष्मण वेको तड़के करीब 4 बजे रोज की तरह महुआ बीनने जंगल गया था। इसी दौरान जंगल में एक पेड़ के नीचे बैठे जंगली जानवर ने अचानक लक्ष्मण पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल लक्ष्मण की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उन्हें बचाया।
इसी बीच कुछ ही समय बाद दूसरा हमला ग्राम डोडूम थाना जांगला निवासी शंकर पोयम पर हुआ। वह भी जंगल में महुआ बीनने गया था। उस पर तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया गया। इस घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गया है। लगातार दो घटनाओं ने क्षेत्र में भय के माहौल को और गहरा कर दिया है।
घटना के बाद ग्रामीणों ने तत्काल 108 एंबुलेंस सेवा को फोन किया। लेकिन आरोप है कि समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई। ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल में एंबुलेंस मौजूद होने के बावजूद मदद नहीं मिली। जिससे घायलों की हालत और बिगड़ गई। ग्रामीणों ने निजी साधनों से दोनों गंभीर घायलों को कुटरू अस्पताल पहुंचाया। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

ग्रामीण हुए नाराज।

घटना के बाद ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि भैरमगढ़ सामान्य वन परिक्षेत्र से लगे इस क्षेत्र में वन्यजीवों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। लेकिन वन विभाग द्वारा सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। वन्य जीवों के हमले ग्रामीणों में दहशत फैल गईं है। ग्रामीणों ने मांग की है कि वन्यजीवों को जल्द सुरक्षित स्थान पर भेजा जाए। ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो। वहीं इंद्रावती नेशनल पार्क के उप निदेशक संदीप बलगा ने बताया कि वन्य प्राणियों के हमले से दो ग्रामीण घायल हुए हैं उनका इलाज जारी है। प्रारंभिक जांच में तेंदुए के हमले की पुष्टि नहीं हो पाई है। आशंका भालू के हमले की भी जताई जा रही है। टीम को मौके पर भेजा गया है रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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