फुटपाथी व्यापारी बने वैध व्यापारियों के लिए चुनौती

= व्यापारियों के जले में नमक छिड़कते हैं सीएमओ

दली राजहरा। दल्ली राजहरा शहर में हजारों रुपए खर्च कर नगर पालिका की दुकानें लीज या किराए पर लेकर व्यवसाय करने वाले व्यापारियों की आजीविका के लिए फेरीवाले एवं फुटपाथी व्यवसायी बड़ी चुनौती बन गए हैं। नगर पालिका के अधिकारी का हंसते हुए यह कहना कि इसमें मैं कुछ नहीं कर सकता, वैध व्यापारियों के जले में नमक छिड़कने का काम करता है।
नगर व्यवसायिक पालिका कॉम्प्लेक्स का निर्माण कर उसे शहर के व्यवसायियों को आबंटित करती है जिसके आधार पर पालिका को प्रतिमाह उचित रकम शुल्क के रूप में प्राप्त होती है। कहीं कहीं तो खुली नीलामी के माध्यम से दुकानों की बिक्री करके पालिका परिषद को अच्छी आमदनी कमा लेती है। लेकिन जब व्यवसायी उसी दुकान में अपना व्यवसाय प्रारंभ करता है, तो ठीक उसके सामने सड़क पर फेरी वाले उसी तरह का धंधा प्रारंभ कर देते हैं, जिससे व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स का कोई ओचित्य नहीं रह जाता है। कॉम्प्लेक्स के दुकानदार की शिकायत पर सीएमओ मुस्कुराते हैं और कहते हैं- मैं कुछ नहीं कर सकता। अजीब बात है कि पालिका द्वारा बनाए गए कॉम्प्लेक्स में बसे व्यापारी की बात नहीं समझ, फेरी वालों और फुटपाथी लोगों से चंद रुपए लेकर उन्हें प्रोत्साहित करते हैं। इस तरह का खेल दल्ली राजहरा नगर पालिका में चल रहा है।

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