आदिवासियों की जमीन हड़पने वाले के खिलाफ विधायक विक्रम मंडावी के तेवर सख्त

=जगदलपुर के भूमाफिया भोला झा के खिलाफ आदिवासियों का मोर्चा
= फर्जी दस्तावेजों से जमीन हड़पने का लगा आरोप
= विधायक मंडावी ने बस्तर में आदिवासियों की जमीनों की अवैध ख़रीदी बिक्री पर जताई चिंता

जगदलपुर। बस्तर अंचल में आदिवासियों की जमीनों पर अवैध कब्जे और फर्जी खरीदी–बिक्री के खेल का एक और मामला सामने आया है। मंगलवार को संकनपल्ली के दर्जनों आदिवासी ग्रामीण मोदकपाल थाना पहुंचे, जहां उन्होंने जगदलपुर के कथित भूमाफिया कमलदेव झा और उसके परिवार पर गंभीर आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराने की मांग की। वहीं क्षेत्रीय विधायक विक्रम मंडावी ने भी इस मसले पर सख्त तेवर अपना लिए हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कमलदेव झा, भोला झा, प्रभाती झा, साकेत झा समेत कई लोगों ने अधिकारियों से सांठगांठ कर कूट–रचित दस्तावेज तैयार किए और उन दस्तावेजों के आधार पर आदिवासियों की जमीन अपने नाम करा ली। ग्रामीणों के अनुसार इस अवैध सौदे में तत्कालीन पटवारी, तहसीलदार और उप पंजीयक की भी भूमिका रही है, जिनकी मदद से फर्जी दस्तावेज तैयार हुए और बिना ग्रामीणों की जानकारी के संकनपल्ली की जमीनों का कब्जा बदल दिया गया।आरोप है कि झा परिवार ने बस्तर के दंतेंश्वरी वार्ड में निवास के बावजूद संकनपल्ली की भूमि पर गैरकानूनी तरीके से खरीदी–बिक्री कर पट्टा भी बनवा लिया है। मोदकपाल थाने में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। पीड़ितों ने सामूहिक आवेदन देकर धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज बनाने सहित कई धाराओं में मामला दर्ज करने की मांग की। इसके साथ ही ग्रामीणों ने एससी–एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत भी सख्त कार्रवाई की भी मांग की। क्योंकि मामला सीधे तौर पर आदिवासी समाज की जमीन और अधिकारों से जुड़ा है। थाने में जमा ग्रामीणों का कहना था हमारी पुश्तैनी जमीनें हमारे हाथों से छीनी जा रही हैं, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई जरूरी है।

सदमे में जव्वा परिवार

संकनपल्ली निवासी बसवैया जव्वा ने बताया कि उन्हें यह जानकारी पटवारी से मिली कि उनकी पैतृक कृषि भूमि पर अचानक किसी कमलदेव झा का नाम दर्ज कर दिया गया है और नक्शा कटवाने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। बसवैया कहते हैं मैंने कभी जीवन में अपनी जमीन नहीं बेची, न ही बेचने का विचार किया। फिर भी मेरी जमीन पर किसी सामान्य वर्ग के व्यक्ति का नाम चढ़ा दिया गया। हमारा परिवार सदमे में है। हमारी जमीन ही हमारा जीवन है। इसे छीन लिया गया तो हम जीएंगे कैसे? बसवैया व ग्रामीणों ने मामले की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

मामला संवेदनशील: विक्रम

विधायक विक्रम मंडावी बोले- बस्तर में अवैध जमीन कारोबार चिंता का विषय है। पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि बस्तर में लगातार आदिवासियों की जमीनों पर अवैध कब्जे और अवैध खरीदी–बिक्री चिंता जनक है। उन्होंने मांग की कि ऐसे कृत्यों को बढ़ावा देने वालों, उनकी मदद करने वाले अधिकारियों और भूमाफियाओं पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि बस्तर में जमीनों की लूट पर लगाम लग सके।

होगा बड़ा आंदोलन

ग्रामीणों ने साफ किया है कि यदि पुलिस जल्द कार्रवाई नहीं करती, तो वे जिला मुख्यालय तक पदयात्रा और प्रदर्शन करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि यह सिर्फ जमीन का मामला नहीं, बल्कि अस्तित्व और भविष्य की लड़ाई है।मोदकपाल थाने में इस मामले को लेकर रिपोर्ट दर्ज करवाने के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष लालू राठौर, जनपद सदस्य मनोज अवलम, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष कमलेश कारम, संकनपल्ली के सरपंच, उपसरपंच और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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