घोर माओवाद प्रभावित कमलापुर में सीआरपीएफ ने खोला ऑपरेशन बेस कैंप

नये कैंप से सुरक्षा और विकास की दिशा में बड़ा कदम – डीआईजी बीएस नेगी

 बीजापुर :- छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर क्षेत्र अंतर्गत बीजापुर जिले के उसूर एवं बासागुड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम कमलापुर, मुरूडबाका, तुमरेल, पावरगुड़ा, रेखापल्ली सहित आसपास के इलाके बीते कई दशकों से नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे हैं। इन क्षेत्रों में आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने, जनसुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने तथा विकास की प्रक्रिया को गति देने की दिशा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसी क्रम में सीआरपीएफ की 229वीं बटालियन द्वारा ग्राम कमलापुर में नए ऑपरेशन कैंप की स्थापना की गई। जिसका शुभारंभ 13 दिसंबर 25 को बीजापुर रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक बी.एस. नेगी द्वारा किया गया।उद्घाटन कार्यक्रम में 229वीं बटालियन के कमांडेंट ब्रजेश कुमार सिंह, 206 कोबरा बटालियन के कमांडेंट पुष्पेन्द्र सिंह, 210 कोबरा बटालियन के कमांडेंट अशोक, 153वीं बटालियन के कमांडेंट अमित कुमार, 229वीं बटालियन के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गौरव कुमार, द्वितीय कमान अधिकारी मुख्तयार सिंह, एसडीपीओ आवापल्ली तिलेश्वर कुमार यादव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी, जवान एवं स्थानीय प्रशासन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। नवस्थापित ऑपरेशन कैंप का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना, माओवादियों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना। किसी भी प्रकार की सुरक्षा चुनौती पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है। लंबे समय से माओवाद की मार झेल रहे ग्रामीणों के लिए यह कैंप राहत और विश्वास का प्रतीक बनकर सामने आया है। कैंप की स्थापना से क्षेत्र में सुरक्षा बलों की स्थायी उपस्थिति सुनिश्चित होगी। ग्रामीण स्वयं को अधिक सुरक्षित महसूस करेंगे। विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी कर सकेंगे।उद्घाटन के पश्चात पुलिस उप महानिरीक्षक बी.एस. नेगी ने ग्राम कमलापुर का भ्रमण किया। इस दौरान एसडीपीओ आवापल्ली द्वारा चलित थाना का आयोजन किया गया। जिसमें ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया गया। ग्रामीणों को बताया गया कि कैंप की स्थापना से क्षेत्र में शांति, स्थिरता और विकास को बढ़ावा मिलेगा। यह इलाका धीरे-धीरे नक्सल मुक्त बनने की ओर अग्रसर होगा। अधिकारियों ने ग्रामीणों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि किसी भी समस्या या सूचना के लिए वे निर्भय होकर सुरक्षा बलों से संपर्क कर सकते हैं। सीआरपीएफ द्वारा सामाजिक सरोकार के तहत चिकित्सा शिविर का भी आयोजन किया गया। 229 वीं बटालियन के चिकित्सा अधिकारियों एवं स्टाफ द्वारा स्थानीय ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की गई। आवश्यक दवाइयों का निःशुल्क वितरण किया गया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से कहा भविष्य में किसी भी प्रकार की चिकित्सा आवश्यकता होने पर कैंप में आकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ले सकते हैं। इस पहल से ग्रामीणों में सुरक्षा बलों के प्रति विश्वास की भावना और मजबूत हुई है। सुरक्षा की दृष्टि से इस ऑपरेशन कैंप को तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था से सुसज्जित किया गया है। कैंप और आसपास के क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों एवं ड्रोन के माध्यम से 24 घंटे निगरानी की जा रही है। कैंप में तैनात सीआरपीएफ के जवान उच्च स्तर का प्रशिक्षण प्राप्त हैं। जवान सुरक्षा चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।अधिकारियों ने बताया कि 229 वीं वाहिनी पूर्व में भी सिलगेर, पुतकेल, गुंजेपर्ती सहित अन्य प्रभावित क्षेत्रों में सफल अभियान चलाकर माओवाद प्रभाव को कम करने और विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुकी है। कमलापुर में ऑपरेशन कैंप की स्थापना इसी क्रम में एक और निर्णायक कदम है। क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास की नई राह खुलेगी तथा प्रशासन की पहुंच सुदृढ़ होगी।

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