= आयुषी धावरे की दर्दनाक मौत ने उजागर की शिक्षकों की पीड़ा
रायपुर। खल्लारी मंदिर रोपवे दुर्घटना में बालोद जिले के सिकोसा स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में पदस्थ अंग्रेजी व्याख्याता आयुषी धावरे की असामयिक एवं अत्यंत दुखद मृत्यु ने पूरे प्रदेश के शिक्षक समाज को गहरे शोक और आक्रोश में डाल दिया है। महज 5 माह पूर्व ही विवाह के बंधन में बंधी एक होनहार शिक्षिका का इस प्रकार असमय चले जाना न केवल एक परिवार के सपनों के टूटने की कहानी है, बल्कि यह उस व्यवस्था की भी कठोर सच्चाई है, जिसमें आज आत्मानंद शिक्षक बिना किसी सुरक्षा के कार्य करने को विवश हैं। इस दुर्घटना में उनके परिवार के अन्य सदस्य भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका उपचार अस्पताल में जारी है।
छत्तीसगढ़ स्वामी आत्मानंद संविदा शिक्षक एवं कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष दुर्योधन यादव ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि व्यवस्था की लापरवाही का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि आत्मानंद विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक वर्षों से बिना किसी ठोस सुरक्षा, बीमा और स्वास्थ्य सुविधाओं के सेवाएं दे रहे हैं, और बार-बार इस विषय को शासन-प्रशासन के समक्ष रखने के बावजूद कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि समय रहते इन मांगों पर ध्यान दिया गया होता, तो शायद आज एक शिक्षिका को इस तरह अपनी जान नहीं गंवानी पड़ती। प्रदेश अध्यक्ष दुर्योधन यादव ने आगे कहा कि संघ विगत कई वर्षों से अपनी 12 सूत्रीय मांगों को लेकर लगातार शासन और प्रशासन को ज्ञापन सौंपता आ रहा है, लेकिन दुर्भाग्यवश आज तक उन पर कोई सार्थक पहल नहीं हुई है। उन्होंने शासन से मानवीय आधार पर मांग की है कि दिवंगत शिक्षिका के परिवार को कम से कम 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए, परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति दी जाए तथा घायल परिजनों के समुचित और निःशुल्क उपचार की पूरी व्यवस्था की जाए। साथ ही उन्होंने यह भी मांग रखी कि प्रदेश के सभी आत्मानंद शिक्षकों के लिए न्यूनतम 50 लाख का अनिवार्य जीवन एवं दुर्घटना बीमा तथा स्वास्थ्य सुरक्षा सुविधा तत्काल प्रभाव से लागू की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं से बचा जा सके।अंत में प्रदेश अध्यक्ष दुर्योधन यादव ने चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि यदि शीघ्र ही इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो संघ प्रदेशभर में व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होगा। उन्होंने समस्त आत्मानंद शिक्षकों से एकजुट होकर अपने अधिकारों, सम्मान और सुरक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया।










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