= सड़क निर्माण के डामर परिवहन पर हो निगरानी

दल्ली राजहरा। भारतीय मजदूर संघ भिलाई से संबद्ध खदान मजदूर संघ दल्ली राजहरा के अध्यक्ष मुश्ताक अहमद ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि राजहरा टाउनशिप में बनने वाले लगभग 13 किमी डामररोड़ के टेंडर में शेड्युल व गुणवत्ता के अनुसार कार्य कराने के लिए मुख्य महाप्रबंधक खदान को ज्ञापन सौंपा गया है।
संघ के अध्यक्ष मुश्ताक अहमद ने बताया कि रिपेयर, मेंटेनेंस और पेंटिंग ऑफ एग्जिस्टिंग रोड राजहरा टाउनशिप का कार्य मेसर्स कैलाश इंटरप्राइजेस, पार्टनर रमेशचंद केशरवानी भिलाई को 22 मई .2025 को अवार्ड किया गया है। इस कार्य में राजहरा टाउनशिप के लगभग 13 किमी रोड की मरम्मत व निर्माण किया जाना है। कार्य की लागत 61, 36, 863.37 रूपये है। इस कार्य को ठेकेदार द्वारा विभागीय दर से लगभग 26 प्रतिशत कम पर लिया गया है। संघ की मांग है कि जो आरटी 3 (डामर) बीएसपी द्वारा ठेकेदार को रोड़ निर्माण के लिये दिया जाएगा, उस आरटी-3 की चोरी न हो और गुणवत्ता मानक के अनुसार आरटी-3 व गिट्टी मिक्स कर सड़क का निर्माण किया जाए। संघ का सुझाव है कि जो आरटी.-3 ठेकेदार को ठेका शर्तों के माध्यम से दिया जाएगा, उसे लाने वाले हर टैंकर में जीपीएस सिस्टम लगा होना चाहिए। जिससे बीएसपी प्रबंधन को पता चल सके कि डामर टैंकर किस प्लांट में खाली हो रहा है। क्योंकि संघ को ऐसी जानकारी
मिली है कि जब भी आरटी-3 रोड़ का निर्माण किया जाता है तो बीएसपी प्रबंधन द्वारा ठेकेदार को दिये जाने वाली आरटी 3 की निगरानी नहीं की जाती है, जिससे आरटी- 3 में काफी भ्रष्टाचार होता है। जबकि सेल की अन्य ईकाईयों में इस बात पर विशेष ध्यान दिया जाता है किसी भी माइनिंग ठेकों में या जहां भी कंपनी द्वारा किसी भी गाड़ी के माध्यम से कार्य करवाया जाता है उस ठेके के शर्तों में इस नियम को जरूर डाला जाता है कि गाड़ियों में जीपीएस सिस्टम होना जरूरी है जिससे गाड़ियों की निगरानी हो सके, मगर राजहरा टाउनशिप के सडक निर्माण के इस ठेके में जीपीएस सिस्टम के नियम को नहीं डाला गया है जिससे स्पष्ट पता चलता है कि ठेकेदार का टैंकर बीएसपी प्लांट से आरटी -3 डामर लेकर कहां जाएगा इसकी कोई जानकारी राजहरा टाउनशिप के अधिकारियों पास नही रहने वाली है। इससे साफ पता चलता है कि इस ठेके से राजहर नगर का भला होने वाला है या फिर राजहरा टाउनशिप के अधिकारियों का? क्योंकि 26 प्रतिशत कम दर पर काम लेकर ठेकेदार से गुणवत्ता की उम्मीद करना व्यर्थ है। श्री अहमद ने संघ की ओर से मांग उठाई है कि बीएसपी प्रबंधन द्वारा इस ठेके और आरटी-3 की निगरानी व सही तरीके से निष्पादन के लिए सभी पंजीकृत यूनियनों से एक एक सदस्य लेकर निगरानी कमेटी बनाई जाए । जो इस बात की निगरानी करेगी कि जो आरटी-3 बीएसपी द्वारा ठेकेदार को दिया जा रहा है वह कितनी मात्रा में टैंकरों की मात्रा से किस डामर प्लांट में खाली किया जा रहा है, और डामर व गिट्टी को मिक्स कर सही तापमान व गुणवत्ता का ध्यान रखा जा रहा है। जिससे बीएसपी द्वारा किसी भी ठेके में दिए जाने वाले आरटी-3 से बनने वाले सड़कों में पारदर्शिता बनी रहेगी। चूंकि राजहरा टाउनशिप की सड़कों का निर्माण राजहरा की सभी पंजीकृत यूनियनों द्वारा मांग की जाने के फलस्वरूप काफी वर्षों बाद किया जा रहा है। इसलिए यहां इस बात का ध्यान रखा जाना बहुत ही जरूरी है कि जो भी ठेकेदार इस सड़क का निर्माण कर रहा है, उसके डामर पलांट की दूरी टाउनशिप से लगभग 30 किमी के अंदर ही हो जिससे आरटी-3 व गिट्टी को जिस तापमान में मिक्स किया जा रहा है वह उसी तापमान में जिस स्थान में सड़क निर्माण होना है वहां समय पर पहुंच सके। जिससे सड़क की गुणवत्ता में कोई कमी न आए। बीएसपी प्रबंधन द्वारा इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि ठेके में तय शेड्यूल के अनुसार ठेकेदार से कार्य सम्पन्न कराया जाए। क्योंकि संघ को शिकायत मिली है कि पुलिस थाना से लेकर निर्मला स्कूल तक सड़क के
दोनों ओर गड्ढा कर डब्ल्यूबीएम के नाम पर खानापूर्ति की गई थी। अगर इसी तरह काम राजहरा टाउनशिप द्वारा किया जायेगा तो निश्चित है सड़क ज्यादा दिनों तक नहीं टिक पाएगी। इसलिए बीएसपी प्रबंधन के अधिकारी संघ की इन बातों पर विशेष ध्यान देते हुए राजहरा की सभी पंजीकृत यूनियनों के एक एक सदस्य की कमेटी बनाकर राजहरा टाउनशिप में सड़क निर्माण को गंभीरता से लेते हुए बी.एसपी द्वारा ठेकेदार को दिए जाने वाले आरटी-3 के आबंटन व उपयोग पर विशेष निगरानी रखी जा सके। जिससे वर्षों बाद बन रही राजहरा टाउनशिप की सड़कें गुणवत्ता के साथ बन सकें। ज्ञापन सौंपने के दौरान मुख्य रूप से अध्यक्ष मुश्ताक अहमद, अजित कुमार मलिक, महेश कुमार, चंद्रशेखर, जीवन साहू, विष्णु साहू, कमलेश कुमार, अजहर खान, सोनू ठगेल, संदीप कोसरे एवं अन्य श्रमिकों की उपस्थिति थी।











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