जगदलपुर . ज्ञानगुड़ी में पहुंच नीट, नर्सिंग , पीएटी, आदि की कोचिंग ले रहे छात्र छात्राओं के बीच बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा पहुंच परीक्षा तैयारियों की चर्चा की । बच्चों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने अपने बचपन की पढ़ाई को याद करते हुए उदाहरण देते हुए कैसे तैयारी करना है बच्चों को समझाया।
कलेक्टर ने बताया कि वर्तमान में आपके सामने जो अवसर है उसी को तुरंत ग्रेप करे। अवसर चूकने के बाद काश ऐसा कर लेता वैसा कर लेता सोचने का कोई फायदा नहीं है । इसीलिए अभी आप लोगों के सामने नीट नर्सिंग पीएटी आदि की परीक्षाएं है उस पर ध्यान केंद्रित कर, धैर्य के साथ प्लानिंग करते हुए, तैयारी शुरू करें। पहले सरल भाग का तैयारी करे , फिर मध्यम और लास्ट में कठिन प्रश्नों को देखे, जिससे कठिन क प्रश्नों के कारण समय खराब न हो और तो और इगो से दूर रहे कि ये तो सरल प्रश्न था नहीं याद आ रहा है, उसे छोड़कर आगे बढ़ जाए फिर लास्ट में उस प्रश्न को देखे।
मां पिता और हम सबको आपका सबसे बड़ा गिफ्ट , आपका परीक्षा में सफल होकर आत्मनिर्भर बनना ही है।
दस बुक पढ़ने के बजाए , एक बुक को दस बार पढ़े। लिंक से हटकर चैप्टर की तैयारी अलग से बाद में करे। बार बार प्रतिदिन तीन सौ चार सौ एमसीक्यू हल करे, प्रैक्टिश से प्रश्न का हल सरल लगने लगेगा। जितना ज्यादा मेहनत करोगे उतना ही लक्की होते जाओगे। सलेक्ट होने वाले बच्चों और आप में कोई अंतर नहीं है। रिवीजन करने तक , रूटीन फिक्स कर नियमित तैयारी, सफलता के लक्ष्य को दिलाता है। सौ प्रतिशत क्षमता के साथ हार्ड वर्क, टाइम मैनेजमेंट के साथ, सही दिशा में किए मेहनत ही तकदीर बदलती है। साथ में प्रतिदिन रिलेक्स होने के लिए दस पंद्रह मिनट्स अपने शरीर को रिफ्रेश करने सरल फिजिकल एक्सरसाइज़ भी जरूरी है । आपके अंदर से मोटिवेशन पैदा करे। हम जो भी है ,उसे अच्छे से करे दूसरा क्या सोचेगा, क्या बोलेगा सोचकर न करे। सबसे बड़ा रोग , क्या कहेंगे लोग , से दूर रहे। सोशल मीडिया और अन्य कार्यक्रमों से दूर रहकर , सीधे अपने खुशी के लिए ,अपने माता पिता ,गुरुजनों को गिफ्ट देने के लिए, परीक्षा पर फोकस करें। पेरेंट्स आपके भले के लिए बोलते है ,उसे अनसुना न करें परिवार और आपके पढ़ाई के बीच ,अपने लक्ष्य को ध्यान में रखकर सामंजस्य बना कर , वर्तमान के लक्ष्य को साधे। अपना लक्ष्य ऊंचा रखेंगे ,तो ऊपर ही पहुंचेंगे। गोल छोटा रखेंगे तो नीचे ही रहेंगे। परीक्षा का तैयारी करते समय सबसे बड़ी बात अपने आपको बायलॉजिकल वॉच के अनुसार सेट करे । दो बजे से पांच बजे तक एग्जाम टाइम है, तो आप दो से पांच बजे तक के लिए छह सात घंटे तक ,इसी टाइम को बीच में रखकर पढ़ाई करे ताकि परीक्षा के दिन दो से पांच बजे तक बॉडी और माइंड , दोनों एक साथ सेट रहे। ऐसा करने पर , लिखते समय हाथ दर्द होने पर भी मसल , अपने आप काम करने लगता हैं ।
याद रखे अमीर और गरीब दोनों का लेबल पढ़ाई में ,एक बराबर हो जाता है, इसलिए पढ़ाई सबसे महत्वपूर्ण है। क्रैश कोर्स के लिए भी इस एक महीने में यदि आप हार्ड वर्क, सही टाइम मैनेजमेंट के साथ सही दिशा में कर रहे तो निश्चित ही सफलता आपको मिलेगी। आपको जो भी परेशानी हो आप बात कर सकते हैं। आपके हर समस्या का निराकरण किया जाएगा। बस वर्तमान में, परीक्षा की तैयारी के लिए सोशल मीडिया या अन्य डिस्ट्रैक्शन से दूर रहकर केवल और केवल अपने पढ़ाई पर ध्यान दे। दोस्ती को भी दूर रखे, बहुत ज्यादा काम हो तो ही मोबाइल का उपयोग करे और परीक्षा तक मोबाइल अपने पैरेंट्स को दे दे। आप जब गंभीर हो जाएंगे तो आपका सभी डर विशेषकर परीक्षा का डर भी दूर हो जाएगा। आप सभी को मेरे जिला प्रशासन के तरफ से शुभकामनाएं । इस अवसर पर ओआईसी अलेक्जेंडर एम चेरियन, जी श्रीनिवास राव, मनीष श्रीवास्तव , संजीव बिस्वास उपस्थित रहें।
सोशल मीडिया से दूरी बनाकर, सही समय में सही दिशा में धैर्य के साथ किए गए मेहनत, सफलता दिलाता है – कलेक्टर आकाश छिकारा











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