शहर और तालाब की सुंदरता से इतनी नफरत क्यों?

= नगर निगम के सारे किए कराए पर पानी फेर रहे हैं नशेड़ी और रहवासी =
= गंगामुंडा तालाब की सुंदरता पर लगाया ग्रहण


-अर्जुन झा-
जगदलपुर। नगर को स्वच्छता और सुंदरता के मामले में टॉप पर लाने के लिए महापौर संजय पांडे तथा नगर निगम प्रशासन कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रहे हैं। यहां तक कि खुद विधायक एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण सिंह देव तथा महापौर संजय पांडे एवं अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी हाथों में झाड़ू लेकर गलियों व सड़कों की सफाई करने, तालाबों में उतर कर मलबा निकालने में पीछे नहीं रहते। वहीं इस शहर में कुछ ऐसे कई कई ऐसे लोग भी हैं, जिन्हे शायद गंदगी में ही रहना पसंद है, उन्हें शहर और शहर के अभिमान माने जाने वाले ऐतिहासिक तालाबों की सुंदरता रास नहीं आती। यही वजह है कि जगदलपुर की ऐतिहासिक धरोहर गंगामुंडा तालाब की गत लोगों ने फिर बिगाड़ डाली है।
बस्तर जिले के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक बड़े तालाबों में गिने जाने वाले जगदलपुर के गंगामुंडा तालाब अब फिर से अपनी बदहाली पर आंसू बहाता और विधर्मियों को कोसता नजर आ रहा है। ऐतिहासिक दलपत सागर और गंगामुंडा तालाब का प्राचीन वैभव लौटाने और उन्हें सुंदर बनाकर शहर वासियों के लिए सैरगाह बनाने महापौर संजय पांडे तथा नगर निगम प्रशासन पूरी ताकत झोंक दी थी। दोनों तालाबों की दशा सुधारने के लिए बहुत प्रयास किए गए। अच्छी खासी रकम भी खर्च की गई। तालाबों को गार्डन की शक्ल देने के लिए वहां झूले, कुर्सियां लगाई गईं, चाट, भेल, पानी पूरी की छोटी छोटी दुकानें बनाई गईं, ताकि लोग यहां शाम को पूरा लुत्फ उठा सकें। मगर आसपास के कुछ रहवासियों और नशेड़ी किस्म के लोगों सब कुछ चौपट करके रख दिया है। कुर्सियों और झूलों को तोड़ डाला गया है, दुकानों की शटर उखाड़ दी गई है, तालाब के पानी में शराब की बोतलें और डिस्पोजल गिलासें तैरती नजर आ रही हैं। चौपाटी स्थल को पार्किंग स्थल बना दिया गया है। वहां लोग अपनी माल वाहक ऑटो, पिकअप, मिनी ट्रक और कारें खड़ी करने लगे हैं। कुल मिला कर कहें तो विघ्नसंतोषियों ने मेयर संजय पांडे एवं नगर निगम प्रशासन के सुनहरे सपने को चकनाचूर कर दिया है। उम्मीद है नगर निगम प्रशासन ऐसे तत्वों पर अब सख्त कार्रवाई करेगा।

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