30 साल से स्कूल में कदम नहीं रखा शिक्षक ने, कर रहे हैं बिजनेस, विभाग से बराबर उठा रहे हैं सैलरी!

= बाईक शो रूम के मालिक शिक्षक का गजब जलवा


-अर्जुन झा-
जगदलपुर। बस्तर संभाग में एक ऐसा भी शासकीय शिक्षक है, जिसने डेढ़ दशक से स्कूल में कदम नहीं रखा है, वे बाकायदा बाईक शो रूम चला रहे हैं मोटी तनख्वाह सरकार से ले रहे हैं। गजब जलवे हैं इन मास्साब के।
जी हां, यह कोई किताबी या फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि आदिवासी बाहुल्य बस्तर के सिस्टम की वह हकीकत है, जो सरकारी तंत्र की भर्राशाही को बयां करती है।हम बात कर रहे हैं बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय के एक सरकारी स्कूल के शिक्षक की। शासकीय कन्या हाई स्कूल दंतेवाड़ा में पदस्थ गणित शिक्षक मधुसूदन राव ने छत्तीसगढ़ शासन के वर्तमान वित्त मंत्री ओपी चौधरी के दंतेवाड़ा कलेक्टर रहने के दौरान ही स्कूल में पढ़ाना छोड़कर गैर शिक्षकीय कार्य करना शुरू कर दिया था। इस गुरूजी की पहुंच ऎसी कि पहुंच के दम पर वे न सिर्फ जिला ग्रंथालय के प्रभारी बन बैठे, बल्कि जिला प्रशासन के विभिन्न खेल और सांस्कृतिक आयोजनों में इवेंट मैनेजमेंट करने का मलाईदार काम भी उन्होंने हथिया लिया। कहा जाता है कि ऐसे आयोजनों में अब तक वे लाखों के वारे न्यारे कर चुके हैं। बचे समय में मूल पोस्टिंग वाले स्कूल में जाने के स्थान पर श्री राव अपने बाइक शो रूम में बैठकर गाड़ियों की खरीदी-बिक्री में व्यस्त रहते हैं। ग्रंथपाल पद के लिए जरूरी शैक्षणिक योग्यता नहीं रखने के बाद भी इस शिक्षक को दंतेवाड़ा के 2-2 ग्रंथालयों का प्रभारी बनाकर रखा गया है। बी लिब डिग्रीधारी कुछ शिक्षकों के शिक्षा विभाग में उपलब्ध रहने के बाद भी उन्हें अवसर नहीं दिया जा रहा है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी और यहां पदस्थ रह चुके सीनियर आईएएस अधिकारियों से घनिष्ठता का अनुचित फायदा उठाकर उक्त शिक्षक गैर शिक्षकीय कार्यों और अपने निजी बिजनेस में मगन रहते हैं। हर साल होने वाले युक्तियुक्तकरण में भी यह शिक्षक अपने स्कूल नहीं लौट रहे हैं, यह इस बात का सबसे बड़ा प्रमाण है।

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