गुड फ्राइडे पर चर्चों में की गई विशेष आराधना

= रविवार को मनाएंगे ईस्टर का पर्व: रत्नेश बेंजामिन

जगदलपुर। सारे संसार में मसीह समाज के लोग 3 अप्रैल को गुड फ्राइडे की आराधना में लीन रहे। 40 दिन की उपवास कालीन आराधना के पश्चात इस सप्ताह को मसीही समुदाय दुख भोग सप्ताह के रूप में मनाते हैं।
समुदाय के लोग प्रभु यीशु मसीह के क्रुसिफाइड होने की घटना को अप्रत्याशित नहीं मानते हैं। उनका मानना है कि यह तो होना ही था। मसीही विश्वास के अनुसार यीशु मसीह पापियों के उद्धार के लिए क्रूस पर चढ़ाए गए। उसी का स्मरण करते हुए बस्तर जिले के अनेक चर्चो में आज गुड फ्राइडे की आराधना संपन्न की गई। 3 दिन पहले विश्व प्रभु भोज के दिन यीशु मसीह को गतसमनी के बाग में उसी के एक चेले के द्वारा पकड़वाया गया। शुक्रवार के दिन ही प्रभु यीशु को क्रूस पर चढ़ाया गया था। उसी को स्मरण करते हुए हर एक चर्च में यीशु मसीह द्वारा क्रूस पर कहे गए सात वाणियों पर मनन चिंतन किया गया। जगदलपुर के चंदैया मेमोरियल मेथोडिस्ट एपिस्कोपल लाल चचं मे भी गुड फ्राइडे की आराधना की गई। आराधना का संचालन अल्पना जान ने किया। इस उपवासकालीन आराधना में युवाओं द्वारा स शीतल पेय का वितरण भी किया गया। इस संबंध में छत्तीसगढ़ क्रिश्चियन फोरम के प्रदेश उपाध्यक्ष रत्नेश बेंजामिन ने बताया कि आज से ठीक तीसरे दिन अर्थात रविवार के दिन ईस्टर मनाया जाएगा। यह प्रभु यीशु मसीह के जी उठने की खुशी में पुनरुत्थान दिवस के रूप में मानते हैं। ईस्टर पर मसीही समुदाय के लोग कब्रिस्तान में जाकर अपने-अपने दिवंगत परिजनों की कब्रों पर फूल, अगरबत्ती, मोमबत्ती माला अर्पित करेंगे।

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